पत्रकारिता और खाकी गठजोड़ के काले सच का कच्चा चिठ्ठा, ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोल दिया थाने की दलाली का राज…

आवाज स्पेशल

आवाज़ न्यूज़। खगड़िया

 

पत्रकारिता के गिरते स्तर के सच को दिखाती एक घटना ने पूरे पत्रकारिता जगत को शर्मसार कर दिया हैं। देश ने उपेंद्र राय और नीरा राडिया जैसे हाई-प्रोफाइल दलाली के मामले भी देखे है। यह भी देखा है कि किस तरह एनडीटीवी की पूर्व पत्रकार बरखा दत्त, बिज़नेस स्टैण्डर्ड के एम के वेणु और हिंदुस्तान टाइम्स के वीर संघवी जैसे बड़े नाम मंत्रियों के विभाग के बंटवारे और पेड न्यूज से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग की दलाली में उछले थे। लोगो को यह जानकर बहुत आश्चर्य हुआ था कि बड़े चैनल का बड़ा रिपोर्टर केंद्रीय मंत्रियों के विभाग तय करने में भी दलाली कर सकता हैं। ये खबरे राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बनी थी। पत्रकारिता और प्रशासन के बीच के इस गंदे सच को सामने लाने में भी एक मीडिया हाउस की रिपोर्ट थी। तब पत्रकार विनोद मेहता ने ‘आउटलुक’ पत्रिका में इसे विस्तार से छापा था।

इस बार का वाक्या अभी कुछ साल पहले बिहार में आये देश के एक प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक अखबार से जुड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो क्लिप में बिहार के खगड़िया में पत्रकारिता और दलाली का काला सच सुन कर पत्रकारिता शर्मसार हो रही है।

बताया जाता है वायरल ऑडियो क्लिप में एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक अखबार के गोगरी अनुमंडल के रिपोर्टर गौतम सिन्हा और गोगरी थाना कांड संख्या 77/18 के अभियुक्त रिंकेश कुमार के बीच हुई बातचीत है। ऑडियो क्लिप में कही गयी बातें पत्रकारिता के नाम पर थाना से लेकर विभिन्न कार्यालयों में हो रही दलाली का काला चिठ्ठा खोलने के लिये काफी है।

क्या है मामला-

पूरा मामला दरअसल एक ऑडिओ टेप के वायरल होने से सामने आया हैं. जिसके सामने आने के बाद थाना … पत्रकार … दलाली … शोषण की पोल खुल गयी है। थाना में दलाली की दुकान खुल गयी है। इस दुकान में पत्रकार भी अपनी दुकान चला रहे हैं।

विश्वास नहीं होता है तो खुद सुन लीजिये एक नामीगिरामी हिंदी अख़बार के रिपोर्टर और अभियुक्त के बीच की बातचीत की ऑडियो क्लिप। ये बातचीत गोगरी थाना कांड संख्या 77/18 के नामजद रिंकेश और एक हिंदी दैनिक के गोगरी संवाददाता गौतम सिन्हा के बीच की है। बातचीत में 50 हज़ार रुपयों में थाना और 10 हज़ार रुपयों में अखबार को मैनेज करने की कीमत तय की गई हैं।  बातचीत रिंकेश कुमार (नामजद) के मोबाइल नंबर 8757370154 और गौतम सिन्हा (रिपोर्टर) के मोबाइल नंबर 8409353604 के बीच हुई है। बातचीत दिनांक 18 अप्रैल 2018 की सुबह 11 से 2 बजे दोपहर के बीच हुई है।

क्या कहते है अभियुक्त रिंकेश कुमार-

जब हमने रिंकेश कुमार का पक्ष जानने के लिए उनसे बात की तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऑडियो कॉल में पत्रकार गौतम सिन्हा की ही आवाज़ है। उन्होंने कहा कि रिपोर्टर गौतम सिन्हा ने उनसे पुलिस केस में मदद के एवज में थाना मैनेज करने के 50 हजार और अपने ब्यूरो चीफ सहित ऑफिस खर्च के लिये 10 हजार रुपयों की मांग की गयी थी।

क्या कहते है पत्रकार गौतम सिन्हा-

पत्रकार गौतम सिन्हा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नही है। उन्होंने कहा कि मेरे कई विरोधी भी है जिनकी साज़िश हो सकती हैं।

जब मामले के संबंध में गोगरी थाना प्रभारी से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नही हो पाया।

क्या कहती है खगड़िया एसपी-

खगड़िया एसपी मीनू कुमारी ने कहा कि उन्हें इस ऑडियो क्लिप की कोई जानकारी नही हैं। यदि कोई ऐसा मामला संज्ञान में आता है तो उसकी जांच करवाई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

(किशनगंज की आवाज ने पत्रकारिता हित में अखबार का नाम नहीं छापने का निर्णय लिया है क्योंकि मीडिया को शर्मसार करने वाली करतूत के लिये अखबार की खगड़िया की टीम जिम्मेवार है, जिन्होंने पत्रकारिता धर्म का दुष्कर्म करने का काम किया है।)

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