पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश

चोर के कहने पर पत्रकार को रातों-रात गिरफ्तार करने वाली पुलिस आखिर एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद अबतक अमीनुद्दीन के हत्यारों को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही!

अपना किशनगंज
= पुलिस के हाथ अबतक खाली, लोगों ने किया सडक जाम
= बेलवा चौक पर टायर जलाकर लगभग तीन घंटो तक किशनगंज-ठाकुरगंज मुख्यपथ को किया जाम
= अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने मौके पर पहुच लोगों को समझा बुझाकर हटवाया जाम
निज संवादाता। किशनगंज की आवाज़
बुधवार सुबह तक़रीबन दस बजे बेलवा चौक पर आक्रोशित ग्रामीणों ने टायर जलाकर किशनगंज-ठाकुरगंज मुख्यपथ को जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तकरीबन तीन घंटे तक लगे इस जाम की वजह से सैकड़ो गाड़िया दोनों तरफ फंसी रही जिस कारण आम लोगों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। साथ ही इस दौरान ठाकुरगंज जाने के क्रम में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता भी तक़रीबन दो घंटे तक इस जाम में फंसे रहे जिसके बाद मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुचे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार राय, सदर थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की पर ग्रामीण सड़क से हटने को राजी नहीं हुए, फिर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अखिलेश कुमार ने तीन दिनों के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीणों ने जाम हटाया।
जानकारी के अनुसार एक हफ्ता पूर्व सदर थाना क्षेत्र के मोतिहारा तालुका पंचायत के अमलझाड़ी दुलाली पुल के समीप कटहल पेड़ से एक अधेड़ का शव फंदे से लटका मिला था जिसकी पहचान काजीटोला निवासी अमीनुद्दीन के रूप में हुई वाही इस बाबत मृतक की पत्नी अख्तरी बेगम ने बताया कि बीते आठ सालों से मोतीहारा तालुका, वार्ड नंबर दो के वार्ड सदस्य नजमुल के साथ जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा था। न्यायालय द्वारा फैसला हमलोगों के पक्ष में दिए जाने के बाद भी अक्सर नजमुल और उसके साथी मेरे पति को परेशान करते थे। जमीन पर जबरन कब्जा किये यह लोग जमीन खाली नहीं कर रहे थे जिसको लेकर एक सप्ताह पहले उनलोगों ने हमलोगों के साथ मारपीट किया था ।
वही चौक चौराहों पर चर्चा की जा रही है कि किशनगंज पुलिस जब चोर के कहने पर रातों-रात पत्रकार के घर जाकर बिना किसी साक्ष्य के पत्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है तो फिर इस मामले में मृतक के हाथों में कुछ लोगो के नाम लिखे पाए गए पर इन लोगों को पुलिस अब तक हिरासत में लेकर पूछताछ तक क्यों नहीं कर रही और किसके दबाव में नहीं कर रही है। अगर पुलिस को यह प्रतीत हो रहा है कि इस हत्या के पीछे कोई और लोग है और साजिश के तहत इन सभी आरोपियों को फंसाना चाहता है तो इसका उद्भेदन करने में और कितने दिन लगेंगे?

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